Connect with us

Article

दशहरा का पूरा दिन शुभ मुहूर्त, नए काम की शुरूआत के लिए फलदायी

Published

on

441 Views

दस दिशाओं पर राज करने वाला परम ज्ञानी पंडित, सर्वशक्तिमान और शिवभक्त लंकापति रावण के वध के उपलक्ष्य में विजयदशमी का त्योहार मनाया जाता है. 19 अक्टूबर को पूरे देश में विजयदशमी यानी कि दशहरे का त्योहार मनाया जा रहा है. हम आपकों बताते हैं कि दशहरे का दिन एक शुभ मुहूर्त क्यों होता है.

दशहरा यानी कि एक ऐसा मुहूर्त वाला दिन जिस दिन बिना मुहूर्त देखे आप किसी भी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं. आश्विन शुक्ल यानी कि दशमी को मनाए जाने वाला यह त्योहार ‘विजयादशमी’ या ‘दशहरा’ के नाम से प्रचलित है. यह त्योहार वर्षा ऋतु की समाप्ति का सूचक है. इन दिनों चौमासे में स्थगित कार्य फिर से शुरू किए जा सकते हैं.

MUST READ: मेष को हो सकता है धन लाभ, मकर वालों के लिए बिजनेस में प्रगति के योग

अहंकार का विनाश
नवरात्रि के 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने के बाद भगवान श्रीराम ने दशमी के दिन ही लंकापति रावण का वध किया था, तभी से दशहरा पर्व मनाया जाता है. श्रीराम ने रावण के अहंकार को चूर-चूर करके दुनिया के लिए भी एक बहुत मूल्यवान शिक्षा प्रदान की. जिसकी हम सभी को रोजमर्रा के जीवन में बहुत जरूरत है.

श्रीराम की पूजा
विजयदशमी के दिन भगवान श्रीराम की पूजा का दिन भी है. इस दिन घर के दरवाजों को फूलों की मालाओं से सजाया जाता है. घर में रखे शस्त्र, वाहन आदि भी पूजा की जाती है. दशहरे का यह त्योहार बहुत ही पावनता के साथ संपन्न करते हुए रावण का दहन किया जाता है.

Article

धनतेरस आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, इस दिन राशि के अनुसार क्या खरीदें

Published

on

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होने के कारण इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है. धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वन्तरी त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. धनतेरस पर पांच देवताओं, गणेश जी, मां लक्ष्मी, ब्रह्मा,विष्णु और महेश की पूजा होती है. कहा जाता है कि इसी दिन भगवान धनवन्‍तरी का जन्‍म हुआ था जो कि समुन्‍द्र मंथन के दौरान अपने साथ अमृत का कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे और इसी कारण से भगवान धनवन्‍तरी को औषधी का जनक भी कहा जाता है.

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त
सुबह 07:07 से 09:15 बजे तक
दोपहर 01:00 से 02:30 बजे तक
रात 05:35 से 07:30 बजे तक

कैसे करें धनतेरस की पूजा
1. सबसे पहले मिट्टी का हाथी और धन्वंतरि भगवानजी की फोटो स्थापित करें.
2. चांदी या तांबे की आचमनी से जल का आचमन करें.
3. भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें.
4. हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें.

पूजा के समय इस मंत्र का करें जप

देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि

राशि अनुसार करें खरीदारी
मेष राशि – चांदी के बर्तन एवं इलेक्ट्रानिक सामान खरीदना लाभदायक रहेगा.
वृष राशि – चमकीले वस्त्र चांदी अथवा ताबें के बर्तन खरीदना शुभ रहेगा.
मिथुन राशि – सोने के आभूषण, केसर, वाहन, खरीदना शुभ रहेगा.
कर्क राशि – चांदी के आभूषण, सिक्के एवं घरेलू इलैक्ट्रिक सामान खरीदना उत्तम रहेगा.
सिंह राशि – ताबें, कांसे के बर्तन,कपड़े एवं सोने की कोई चीज खरीदना शुभ रहेगा.
कन्या राशि – गणेश जी की मरगज की मूर्ति, चांदी का सामान अथवा रसोई का सामान खरीदना शुभ रहेगा.
तुला राशि – सौन्दर्य का सामान, चांदी के बर्तन, सिक्के या सोने का सामान, अथवा सजावटी सामान खरीदना शुभ फलदायक रहेगा.
वृश्चिक राशि – इलैक्ट्राॅनिक उपकरण सोने के आभूषण खरीदना शुभ रहेगा.
धनु राशि – सुगंधित सामान, सोने के सिक्के, आभूषण अथवा सोने का सामान खरीदना शुभ रहेगा.
मकर राशि – वाहन, कपड़े, चांदी के बर्तन, आभूषण खरीदना शुभ रहेगा.
कुंभ राशि – प्रसाधन के सामान, दो पहिया वाहन, सौन्दर्य प्रसाधन का सामान खरीदना शुभ होगा.
मीन राशि – चांदी के सिक्के, सोना, चांदी के बर्तन एवं इलैक्ट्रानिक उपकरण खरीदना लाभदायक रहेगा.

Continue Reading

Article

कानपुर के अलावा जानें और कहा है रावण का मंदिर जहां की जाती है पूजा

Published

on

बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार दशहरा 19 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान राम बुराई का प्रतीक रावण का दहन करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के कई हिस्सों में रावण की पूजा की जाती है. इन जगहों पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता है. कानपुर से लेकर जोधपुर तक रावण से जुड़े कई किस्से प्रचलित हैं.

कानपुर: कानपुर के शिवालय एरिया में रावण मंदिर है जो सिर्फ दशहरे वाले दिन ही खुलता है. यहां कुछ लोग रावण की पूजा करते हैं. कानपुर के शिवाला इलाके के दशानन मंदिर में शक्ति के प्रतीक के रूप में रावण की पूजा होती है तथा श्रद्धालु तेल के दिए जलाकर रावण से अपनी मन्नतें पूरी करने की प्रार्थना करते हैं. कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 1890 किया गया था. रावण के इस मंदिर के साल के केवल एक बार दशहरे के दिन ही खोले जाते हैं. परंपरा के अनुसार, दशहरे पर सुबह मंदिर के दरवाजे खोले जाते हैं. फिर रावण की प्रतिमा का साज श्रृंगार कर, आरती की जाती है. दशहरे पर रावण के दर्शन के लिए इस मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है और शाम को मंदिर के दरवाजे एक साल के लिए बंद कर दिए जाते हैं.

जोधपुर में रावण की ससुराल: जोधपुर के माउदगिल ब्रह्माण रावण के ही वंशज माने जाते हैं. उन्‍होंने जोधपुर में रावण के मंदिर का निर्माण करवाया है. कहा ये भी जाता है कि रावण की पत्‍नी मंदोदरी यहां की थीं. यहां पर रहने वाले करीब 200 परिवार खुद को रावण का वशंज बताते हैं और रावण की पूजा करते हैं.

मंदसौर में रावण की पूजा: मंदसौर का प्राचीन नाम “दशपुर” था और यह स्थान रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. इसके मद्देनजर हिन्दुओं के नामदेव समुदाय के लोग रावण को”मंदसौर का दामाद” मानते हैं. जोधपुर में रावण और मन्दोदरी के विवाह स्थल पर आज भी रावण की चवरी नामक एक छतरी मौजूद है. शहर के चांदपोल क्षेत्र में रावण का मंदिर बनाया गया है.राज्य के विदिशा जिले के रावण रूण्डी गांव में भी दशानन का मंदिर है, जहां लेटी हुई अवस्था में इस पौराणिक पात्र की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है. स्थानीय लोग दशानन को “रावण बाबा” के रूप में पूजते हैं.

बिसरख रावण का ननिहाल: उत्तर प्रदेश के नोएडा गौतमबुद्ध नगर जिले के बिसरख गांव में भी रावण का मंदिर है. मान्यता है कि बिसरख रावण का ननिहाल था.यहां पर रावण दहन नहीं किया जाता है.

उज्जैन के चिखली में रावण पूजन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के चिखली गांव में भी रावण का दहन नहीं किया जाता. यहां के बारे में कहा जाता है कि रावण की पूजा नहीं करने पर गांव जलकर राख हो जाएगा.

रावण की पूरे शहर में आरती होती है: इटावा जिले की जसवंतनगर में दशहरे वाले दिन रावण की पूरे शहर में आरती उतार कर पूजा की जाती है. उसे जलाने की बजाय रावण को मार-मारकर उसके टुकड़े कर दिए जाते हैं. लोग रावण के उन टुकड़ों को उठाकर घर ले जाते हैं. रावण की मौत के तेरहवें दिन रावण की तेरहवीं की जाती है.

कर्नाटक: कोलार जिले में लोग फसल महोत्सव के दौरान रावण की पूजा करते हैं और इस मौके पर जुलूस भी निकाला जाता है. ये लोग रावण की पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि वह भगवान शिव का परम भक्त था. लंकेश्वर महोत्सव में भगवान शिव के साथ रावण की प्रतिमा भी जुलूस में निकाली जाती है. इसी राज्य के मंडया जिले के मालवल्ली तहसील में रावण का एक मंदिर भी है.

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शिवनगरी के नाम से मशहूर बैजनाथ कस्बा है. यहां के लोग रावण का पुतला जलाना महापाप मानते है. यहां पर रावण की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि यहां रावण ने कुछ साल बैजनाथ में भगवान शिव की तपस्या कर मोक्ष का वरदान प्राप्त किया था.

Continue Reading

Article

नवरात्रि 2018 : आज करें महागौरी की साधना, पूरी होगी सुख-समृद्धि की कामना

Published

on

मां दुर्गा के आठवां स्वरुप है महागौरी. नवरात्रि के आठवें दिन माता के इसी स्वरुप की पूजा की जाती है. महागौरी की आराधना से सभी प्रकार के दुख दूर हो जाते हैं. महागौरी की चार भुजाएं होती हैं. जिसमें से दो भुजाओं में उनके शस्त्र होते हैं और दो भुजाएं आशीर्वाद देती हुई प्रतीत होती हैं. इनका वर्ण सफेद और देखने में अत्यंत सुन्दर है, इसीलिए इनका नाम महागौरी है. इनकी सवारी एक सफेद बैल है और इनके वस्त्र भी सफेद हैं.

पौराणिक कथा
प्राचीन कथा के अनुसार जब देवी सती भगवान् शिव को पति रूप में प्राप्त करने हेतु तपस्या में लीन थीं, तो उनके सम्पूर्ण शरीर पर मिट्टी जम गयी थी. देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान इन्हें स्वीकार करते हैं और तब देवी सती ने जब गंगा जल में स्नान किया तब वह विद्युत के समान अत्यंत कांतिमान गौर वर्ण की हो जाती हैं. उसी समय भगवान शिव ने देवी के इस रूप को महागौरी का नाम दिया.

महागौरी की पूजन विधि
सर्वप्रथम दैनिक दिनचर्या से निवृत्त होकर मां गौरी की स्थापना करें. कलश पूजन के पश्चात् मां का पूजन करें. इस दिन मां को सफेद पुष्प अर्पित करें. मां की वंदना मंत्र का उच्चारण करें. मां की वंदना मंत्र का १०८ बार जाप करें. तत्पश्चात् मां का स्त्रोत पाठ करें. आज के दिन पीले वस्त्र पहन कर माता की पूजा विशेष फलदायी होती है. मां को सफेद नैवेद्य का भोग अर्पित करें.

वंदना मंत्र

श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

महागौरी का स्त्रोत पाठ
सर्वसंकट हंत्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदीयनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
त्रैलोक्यमंगल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददं चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

महागौरी का ज्योतिषीय संबंध
यदि जातक की कुंडली में शुक्र बल हीन है, तो महागौरी की विशेष साधना से साधक उसे बलिष्ठ कर सकतें हैं. यदि दाम्पत्य जीवन में कोई क्लेश है, तो महागौरी की पूजा से होगा विशेष आशीर्वाद प्राप्त. महागौरी की नियमपूर्व की गयी पूजा से गृह क्लेश की समाप्ति होती है. महागौरी की आराधना से जातक की कुंडली के द्वादश भाव व द्वादेश बलिष्ठ होते हैं और मोक्ष प्राप्ति के कारक बनते हैं. साथ ही साथ भाग्य भी प्रबल होता है. जिन्हें ऐसा प्रतीत होता हो की कुंडली का नवम भाव और द्वादश भाव बलहीन है, तो महागौरी की आराधना करके उसे बलिष्ठ कर सकते हैं.

Continue Reading
Advertisement
Trending1 year ago

कल आ रहे राष्ट्रपति बिहार, मिनट टू मिनट का जाने उनका कार्यक्रम

Politics1 year ago

NDA से मिली चोट ने उपेन्द्र और अरुण को फिर किया एक, महागठबंधन में जाने की तैयारी!

Politics1 year ago

दुर्भाग्य है कि मुझे बिहारी कहा जाता है: कीर्ति आजाद

Politics1 year ago

कुशवाहा के समर्थन में आए सीपी ठाकुर, कहा- उनके जाने से NDA को नुकसान

Politics1 year ago

VIDEO: बिहार आने का साहस नहीं अल्पेश ठाकोर में: सुशील मोदी

CRIME1 year ago

छठ पर्व की भारी सुरक्षा के बीच RLSP के प्रखंड अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या

Politics1 year ago

NDA ने ‘बागी’ उपेंद्र कुशवाहा को दिया ‘बड़ा झटका’, एक भी सीट नहीं दी जाएगी- सूत्र

Trending1 year ago

बाल दिवस विशेष: कानून की भाषा में भी ‘बच्चे’ की परिभाषा अलग-अलग

Uncategorized1 year ago

बिहार समेत पूरे देश भर में दिया गया उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य

Trending1 year ago

लालू के कन्हैया की फिर बिगड़ी तबीयत, बिना खाए-पिए नंगे पांव की गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा

Trending1 year ago

माथे पर दउरा लेकर घाट पहुंचे चिराग, सुमो ने अहमदाबाद में किया छठ घाट का उद्घाटन

Trending1 year ago

CM नीतीश ने दी छठ की शुभकामनाएं, घाटों का किया निरीक्षण, कहा: महापर्व से सीखें आत्‍मानुशासन

Breaking News1 year ago

VIDEO: अस्‍ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्‍य, नदी-तालाबों के तट पर उमड़ा आस्‍था का जनसैलाब

Jansarokar1 year ago

छठ महापर्व : खरना संपन्न, 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू

Trending1 year ago

रामविलास पासवान के घर अगले साल बजेगी शहनाई, चिराग बनेंगे दुल्हा

Videos1 year ago

Krishna Janmashtami 2018: जन्माष्टमी की रात करें ये खास उपाय, पूरी होंगी मनोकामनाएं

Videos1 year ago

बिहार के कांग्रेस विधायक की बेटी बनी जॉन अब्राहम की हीरोइन, देखें HOT PHOTO VIDEO

Videos1 year ago

Video: स्वतंत्रता दिवस पर कोहली ने धवन, पंत संग देशवासियों को दिया विराट ‘Challenge’

Trending1 year ago

Video: नहीं रहे पलामू के धरती पूत्र पूर्व राज्यपाल भीष्म नारायण सिंह

Videos1 year ago

अकेले में देखें देशी गर्ल PRIYANKA CHOPRA की यह VIDEO, जगा देगी मर्दांगी

Videos1 year ago

BJP और NDA भगाओ साइकिल यात्रा से पहले खुद ही साइकिल से गिर पड़े तेजप्रताप

Videos1 year ago

बिहार की शान ISHAN KISHAN हुए 20 के, चाहने वालों ने केक काटकर मनाया जन्मदिन

Videos1 year ago

दो-दो लड़कों से प्रेम करना हिना खान को पड़ गया महंगा

Bollywood1 year ago

शादी के बाद नेहा धूपिया ने बिखेरे हॉटनेस के जलवे, सेक्सी वीडियो वायरल

Videos1 year ago

जानें क्यों माही ने कहा उनमें कॉमन सेंस नहीं

Astrology1 year ago

तुला वालों को आज मिल सकता है प्रमोशन, देखें आपके राशिफल में है क्या?

Uncategorized2 years ago

Biharimati wishes Happy New Year नव-वर्ष की पावन बेला में है यही शुभ संदेश हर दिन आये आपके जीवन में लेकर खुशियां विशेष.

Bihar2 years ago

कैबिनेट की मीटिंग हुई खत्म, तेजस्वी का नहीं आया कोई फैसला

Sports2 years ago

Boxing continues to knock itself out with bewildering, incorrect decisions

Trending

Copyright © 2018 Biharimati Powered by Leadpanther.