दीन बचाओ-देश बचाओ रैली : मुस्लिम संगठनों के आह्वान पर गांधी मैदान में उमड़ा जन-सैलाब, नफरत के खिलाफ उठी आवाज

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गांधी मैदान में रविवार को ‘दीन बचाओ-देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया गया. इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस रैली का आयोजन किया. इस रैली में देशभर से बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की. आयोजकों के मुताबिक, इस रैली का मकसद देश में धार्मिक उन्माद की राजनीति को खत्म करना और आपसी सौहार्द, भाईचारे को मजबूत करना है. आयोजकों ने दावा किया कि रैली पूरी तरह गैर राजनीतिक थी. सम्‍मेलन का उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ खड़ी ताकतों के खिलाफ लोगों को सचेत करना है. सम्‍मेलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसमें जन-सैलाब उमड़ पड़ा है.

कार्यक्रम में मौलाना अबु तालीम रहमानी ने कहा जब डोकलाम से लेकर किसी दूसरे बॉर्डर पर फौज को नौजवानों की दरकार लगे, सरकार सिर्फ एक बार हमसे कहे. हम अपने बच्चों को मदरसों से निकाल कफन पहनकर फौज के सुपुर्द कर देंगे. भारत के मुसलमान भूखे रह सकते हैं, लेकिन देश का सौदा कभी नही कर सकते. हम देश को भी बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान को भी ठोक देंगे. हमारी एक रिजर्व फोर्स घर में है. वो हमारी औरते हैं. जरूरत पड़ी तो वे भी उठ खड़ी होंगी.

आयोजकों ने कहा कि इस ऐतिहासिक रैली ने गांधी मैदान में हुए अब तक की सभी रैलियों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. रैली को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. गांधी मैदान समेत पटना के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. चप्पे-चप्पे पर पुलिस के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे. पटना के फुलवारीशरीफ स्थित इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बॉर्ड ने मिलकर ‘दीन बचाओ, देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया. आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बताया कि अकलियतों को मिले संवैधानिक अधिकार आज खतरे में हैं.

अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अकलियत एक मंच पर आए हैं. उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारा को दिखावा बताया. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जा रहे हैं और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है. रैली को संबोधित करते हुए मौलाना मसूद रहमानी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘सरकार समझ ले कि हुकुमत बदलेगी, जमाना बदलेगा लेकिन शरीयत नही बदलेगी.’ उन्होंने कहा कि काला धन तो आया नहीं सफेद धन बाहर जा रहा है, 15- 15 लाख एकाउंट में नहीं आए और जो पैसा था वो भी निकाल लिया, तीन तलाक और हलाला का उठा के मुख्य मुद्दे से भटका रहे हैं.

उधर, शासन-प्रशासन ने रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. तीन सौ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई. चार हजार पुलिस जवानों को लगाया गया. रैली दिन में एक बजे से शुरू हुई और देर शाम तक चली. रैली के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई.  इस रैली को इमारत-ए-शरीया के अमिरते शरीयत मौलाना वली रहमानी, लखनऊ के मौलाना कलवे सादिक, मौलाना उमेर रहमानी, पूर्व सांसद मौलाना उबैदुल्लाह खान आजमी, मौलाना अबू सालीम रहमानी, बोमेन मिसरामजी, मौलाना असगर इमाम सल्फी, मौलाना आमरीन रहमानी समेत मुस्लिम जगत के कई बड़े नेताओं ने संबोधित किया.

 

 

 

‘Deen Bachao – Desh Bacao’ rally was organized on Sunday in Gandhi Maidan. The Imaritaye Sharia and the All India Muslim Personal Law Board organized this rally. The rally was attended by a large number of people from all over the country. According to the organizers, the purpose of this rally is to eliminate the politics of religious frenzy in the country and strengthen mutual harmony, brotherhood. The organizers claimed that the rally was completely non-political.

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