VIDEO: अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को, इस दिन किए गए दान का है बड़ा महत्व

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इस साल अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है. हिंदू धर्म में इसे बहुत ही शुभ तिथि माना जाता है. वैशाख शुक्ल तृतीया जिसे अक्षय तृतीया या अखाती तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन लोग नई वस्तुएं खरीदते हैं और शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं. काशी वेद वेदांग विद्यापीठ , वाराणसी के प्रधान ज्योतिषाचार्य किशोर झा बता रहे क्या हैं इस तिथि से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं. ज्योतिषाचार्य जी के अनुसार यह तिथि सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित रहती है. माना जाता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में धरती पर 6वीं बार जन्म लिया था.

इसी तिथि को ही भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन ही भोजन-अनाज की देवी अन्नपूर्णा का जन्मदिवस भी माना जाता है. इस दिन रसोई की साफ-सफाई कर पकवानों के साथ देवी अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है. माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर ही स्वर्ग की पावन नदी गंगा धरती पर अवतरित हुईं थी. इसलिए इस दिन गंगा नदी में स्नान और गंगा पूजन का विशेष महत्व है.

क्यों है अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया पर दान का विशेष महत्व है. धार्मिक कथाओं के अनुसार जिस दिन दु:शासन ने द्रोपदी का चीर हरण किया था, उस दिन अक्षय तृतीया तिथि थी. तब भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को कभी न खत्म होनेवाली साड़ी वरदान स्वरूप दी थी. वहीं अक्षय तृतीया पर ही युधिष्ठिर को अक्षय पात्र की प्राप्ति हुई थी. इस पात्र की खूबी यह थी कि इसका भोजन कभी समाप्त नहीं होता था. इसी पात्र की मदद से युधिष्ठिर अपने राज्य के भूखे और गरीब लोगों को भोजन उपलब्ध कराते थे.

ज्योतिषाचार्य किशोर झा जी ने एक कथा का और वर्णन करते हुए बताया कि जिस दिन सुदामा अपने मित्र भगवान कृष्ण से मिलने गए थे, उस दिन अक्षय तृतीया ही थी. सुदामा के पास कृष्ण को भेंट करने के लिए चावल के मात्र 4 दानें ही थे, जिन्हें उन्होंने श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया. उनके इस भाव के कारण कान्हा ने उनकी झोंपड़ी को महल में बदल दिया. मान्यता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुना फल मिलता है.

11 साल बाद महासंयोग, ये है शुभ मुहूर्त
ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार लगभग 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर 24 घंटे का सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है. इस दिन मांगलिक कार्य का विशेष लाभ मिलेगा. वहीं अबूझ मुहूर्त में शादियां भी होंगी. ऐसे में रात 2:02 से रात 4 बजे तक विवाह के फेरे लेना शुभ है. ज्योतिषाचार्य किशोर झा ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया से पहले द्वितीया तिथि का लोप है, लेकिन भक्तों के लिए अक्षय तृतीया अपार सुख समृद्धि लाने वाली होगी. तृतिया 18 अप्रैल को 4:47 मिनट से शुरू होकर रात 3:03 बजे तक रहेगी.

लगभग 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर 24 घंटे का सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है. इसमें दिनभर खरीदारी या कोई भी शुभकार्य किया जा सकता है. सर्वार्थ सिद्धि योग किसी शुभ कार्य को करने का शुभ मुहूर्त होता है. इस मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती है. इस तिथि पर दो स्थायी लग्न सिंह और वृश्चिक मिल रहे हैं. इस दौरान सोना, वाहन, मकान आदि खरीदने और पूजा कर्म का विशेष लाभ मिलेगा. इस दिन मुंडन आदि संस्कारों का भी विशेष लाभ मिलेगा, लेकिन फेरे लेने के लिए रात 2: 02 से 4 बजे तक का समय ज्यादा बेहतर होगा.

This year Akshay Tritiya is on 18th April. In Hinduism, it is considered a very good date. Vaishakh Shukla Tritiya, also known as Akshay Tritiya or Akhti Teej. On this day people buy new things and start auspicious work. Religious beliefs related to this date are what Kishore Jha, the Jyotishcharya of Varanasi Ved Vedang University , Varanasi.

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