बिहार में महागठबंधन की राजनीति हुई तेज, नीतीश-पासवान की बढ़ती नजदीकियों से BJP बेचैन

0
244

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं. दोनों दिग्गजों की यह निकटता 2019 के आम चुनाव में बीजेपी पर दबाव बना सकती है.

लोजपा सूत्रों के मुताबिक पिछले छह महीने में दोनों चार बार से अधिक मिल चुके हैं. वहीं आगामी 14 अप्रैल को हो रहे बिहार दलित सेना के राष्ट्रीय अधिवेशन में दोनों के एक साथ शामिल होने की योजना भी है. इस अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हो सकते हैं.

अभी हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा, बीजेपी के आक्रामक रवैये और आरजेडी के बिहार सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद जेडीयू और लोजपा को यह डर सता रहा है कि वह मुस्लिम और दलितों के वोटों से अलग-थलग पड़ सकते हैं.

जीतन राम मांझी भी एनडीए से अलग होकर पहले ही महागठबंधन में शामिल हो गए हैं. साथ ही खबर तो यह भी है कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी रलोसपा) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी आरजेडी में शामिल हो सकते हैं. इससे नीतीश और पासवान को डर सताने लगा है कि आरजेडी चुनावों में बीजेपी से भिड़ने के लिए अपना आधार मजबूत कर रही है.

इसके साथ ही लोजपा सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री दलितों के राष्ट्रीय अधिवेशन में पासवान को महादलित की श्रेणी में शामिल करने की घोषणा कर सकते हैं. आपको बता दें कि नीतीश ने जब महादलित श्रेणी बनाई थी तब उन्होंने इसमें पासवान को शामिल नहीं किया था.

लेकिन अब दोनों की दोस्ती को देखकर लगता है नीतीश पासवान को महादलित श्रेणी में शामिल कर सकते हैं. वहीं पासवान को यह डर सता रहा है कि पिछले दिनों जिस तरह से बिहार में सांप्रदायिक हिंसा हुई है उसके बाद उनके दलित वोट बैंक पर प्रभाव पड़ सकता है.

 

 

 

Proximity between Lok Janshakti Party (LJP) Supremo and Union Minister Ram Vilas Paswan and Bihar Chief Minister Nitish Kumar is on the rise. This proximity of both veterans can put pressure on the BJP in the general elections of 2019.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here