मनी लॉन्ड्रिंग मामला : मीसा भारती की बढ़ीं मुश्किलें, अदालत ने कहा- जवाब देने के लिए मीसा को और दस्तावेज उपलब्ध कराये ED

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राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने सुनवाई करते ईडी को आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामले से संबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है, ताकि आरोपित अपनी बातों को अदालत के समक्ष रख सकें.

इसके अलावा अदालत ने किसी दूसरे मामले में रांची के जेल में बंद एक अन्य आरोपित संतोष शाह के खिलाफ भी दोबारा वारंट जारी किया है. इसके बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने सात मई की तिथि तय कर दी. साथ ही अदालत ने सात मई को संतोष शाह को अदालत पेश होने का आदेश भी दिया. मालूम हो कि अदालत दक्षिण दिल्ली के बिजवासन में 12 बीघा जमीन पर फैले फार्म हाउस से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है.

इससे पहले पांच मार्च, 2018 को सीबीआई की अदालत ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को दो-दो लाख रुपये निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी थी. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि वह बिना अदालत की इजाजत के देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं. वहीं, 25 फरवरी, 2018 को प्रवर्तन निदेशालय ने दक्षिण दिल्ली के बिजवासन में 12 बीघा जमीन पर फैले फार्म हाउस को जब्त कर लिया था.

इस संबंध में मीसा भारती ने कहा था कि मनी लांड्रिंग के लिए जांच दायरे में आयी कंपनी को उनके पति और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप शर्मा चला रहे थे. उन्होंने कहा था कि कंपनी और कंपनी के द्वारा खरीदी गयी संपत्ति से संबंधित जानकारी उनके पति और सीए ही बेहतर दे सकते हैं. मालूम हो कि चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप शर्मा की मृत्यु हो चुकी है.

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया था कि बिजवासन की संपत्ति मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की ही है, जिसे उन्होंने मेसर्स मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रखा है. जांच में पता चला है कि यह फार्म हाउस 2008-09 में धनशोधन में शामिल 1.2 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर खरीदा गया था.

 

 

 

In the money laundering case registered by the Enforcement Directorate against Misa Bharti, daughter of RJD President Lalu Prasad Yadav and her husband Shailesh Kumar, on Saturday, Delhi’s Patiala Court has ordered ED to make available documents related to the cases registered against the accused. , So that the accused could keep their things in front of the court.

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