बोले, उपमुख्यमंत्री 1 अप्रैल से पूरे देश में ई-वे बिल अनिवार्य

0
24

शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में जीएसटी काउंसिल की 26 वीं बैठक में हुई. बैठक में 50 हजार से अधिक मूल्य के अंतर राज्यमाल परिवहन के लिए 1 अप्रैल से ई-वे बिल की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया.
उपमुख्यमत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि अन्तरराज्य ई- बे बिल की सफलता के बाद राज्य के अंदर भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि काउंसिल ने 1 जुलाई से टीडीएस लागू करने पर भी अपनी सहमति दे दी तथा कम्पोजिशन डीलर द्वारा माल की खरीददारी पर रिवर्स चार्ज को फिलहाल 30 जून तक स्थगित रखते हुए इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया है जिसकी अनुशंसा पर इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा. वहीं, विवरणी का स्वरूप तय करने की जिम्मेवारी जीएसटीएन मंत्री समूह के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी को दी गई जिनकी अनुशंसा के बाद उसे लागू करने पर काउंसिल विचार करेगी.
मोदी ने बताया कि पूर्व में 1 फरवरी से ई-वे बिल की व्यवस्था लागू की गई थी मगर सर्वर में आई तकनीकी गड़बड़ी की वजह से अब पूरे देश में इसे 1 अप्रैल सेे लागू किया जा रहा है. जीएसटीएन सर्वर से 1 अप्रैल से 50 से 75 लाख तक ई-वे बिल प्रतिदिन जेनरेट होगा.

उन्होंने कहा कि निबंधित कारोबारी और ट्रांसपोटर्स को अब कागजी फार्म भरने की झंझट नहीं रहेगी बल्कि वे कम्प्यूटर के अलावा मोबाइल के जरिए भी आसानी से ई-वे बिल जेनरेट कर सकेंगे. राज्य के अंदर ई-वे बिल की व्यवस्था लागू होने के बाद भी 10 किमी की दूरी तक 2 लाख तक मूल्य के माल के परिवहन तथा पेट्रोलियम उत्पाद जो जीएसटी से बाहर है के परिवहन के लिए ई- वे बिल की जरूरत नहीं होगी.
मोदी ने कहा कि 1 अप्रैल से अन्तरराज्य माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था लागू होने से कर चोरी पर लगाम लगेगी. जीएसटी लागू होने के बाद गत जुलाई से पूरे देश में चेकपोस्ट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी जिसके कारण बड़ी मात्रा में बगैर कर भुगतान किए माल की आवाजाही से राज्यों को राजस्व का नुकसान हो रहा था.

 

 

Deputy Chief Minister and Finance Minister Sushil Kumar Modi said that after the success of inter-state e-bay bills, it will also be implemented in a phased manner within the state.Modi will be required to fill e-way bill in the country from April 1.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here