मार्च से मई तक बिहार में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, असर अभी से दिखना शुरू

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प्री-मानसून अवधि (मार्च से मई) में राज्य में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी. बिहार में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा. मौसम विभाग ने बीते 27 वर्षों के मौसम का रिकॉर्ड के आधार पर प्री-मानसून अवधि का पूर्वानुमान तैयार किया है. बिहार में जनवरी 2018 में सर्वाधिक कोल्ड डे और फरवरी में रिकॉर्ड गर्मी पड़ी है.

मौसम विभाग ने 1982 से 2008 (27 वर्षों) के तापमान रिकॉर्ड और 2008 से 2018 तक मौसम में बदलाव का आकलन कर प्री मानसून अवधि के लिए पूर्वानुमान जारी किया है. जारी पूर्वानुमान के अनुसार मार्च से मई के बीच उष्ण लहर वाले क्षेत्र बिहार और निकटवर्ती प्रदेशों में ग्रिड प्वाइंट अधिकतम तापमान 52 प्रतिशत तक रहेगा.

मौसम विभाग के अनुसार तापमान में विसंगति आ रही है. बिहार में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा. न्यूनतम तापमान में भी विसंगति की संभावना है और इसमें भी सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस वृद्धि होगी.

मौसम पूर्वानुमान की रिपोर्ट में कहा गया है कि उष्ण लहर की बारंबारता और अवधि में विस्तार होते रहने की प्रवृत्ति कायम है. भूमध्यरेखा और प्रशांत महासागर का समुद्र तल पर तापमान में अधिकता का असर गर्मी पर पड़ने की संभावना है.

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