वैशाली के विधायक जी संभाल रहे नक्सलियों का बैंक बैलेंस

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बिहार में नक्सली और राजनेताओं के सांठगाठ का मामला उजागर हुआ है. यह खुलासा नक्सलियों की संपत्ति की जांच के क्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने किया है. नक्सली अब राजनेताओं के माध्यम से भी लेवी के रूप में वसूली गई रकम का निवेश कर रहे हैं.
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के वैशाली-मुजफ्फपुर सब जोनल कमेटी का एरिया कमांडर मुसाफिर सहनी की संपत्ति की जांच के क्रम में वैशाली जिला के एक विधायक भी अब ईडी के शिकंजे में आ गए हैं. माननीय विधायक पर आरोप है कि उन्होंने नक्सलियों द्वारा लेवी के रूप में वसूली गई राशि का निवेश अपने रियल इस्टेट तथा उत्तर बिहार में चल रही रेलवे की परियोजनाओं की ठेकेदारी में कर रखा है. ईडी की टीम अब जल्द ही इस विधायक को नोटिस जारी कर उससे पूछताछ करने वाली है.
ईडी के सूत्रों ने बताया कि नक्सली एरिया कमांडर मुसाफिर सहनी की पत्नी चंदेश्वरी देवी और पुत्र रोहित सहनी उर्फ बबलू को समन जारी कर पूछताछ के लिए पटना स्थित दफ्तर में तलब किया गया है. दरअसल, ईडी ने मुसाफिर सहनी उर्फ आनंद जी उर्फ आलोक की संपत्ति की जांच में पाया है कि उसने अपनी पत्नी चंदेश्वरी देवी व पुत्र रोहित सहनी के नाम पर अचल संपत्ति अर्जित कर रखी है.
इतना ही नहीं, इस नक्सली कमांडर ने वैशाली के एक विधायक के साथ मिलकर उसके रियल इस्टेट व उत्तर बिहार की रेल परियोजनाओं में ठेकेदारी के धंधे में भी मोटी रकम का निवेश कर रखा है. मुसाफिर की पत्नी चंदेश्वरी देवी वैशाली के ही एक आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत है. ईडी को जांच में यह भी पता चला है कि विधायक जी ने अपने धंधे में नक्सलियों के लेवी का भी भरपूर इस्तेमाल किया है. ईडी को जांच में बैंकों के माध्यम से होने वाले रुपयों के ट्रांजेक्शन का पता चला है. इस विधायक ने निर्माण उद्योग में भी काफी धन निवेश कर रखा है. नक्सली कमांडर मुसाफिर सहनी ने रेलवे की परियोजनाओं से भी लेवी के रूप में मोटी रकम की वसूली की है.उधर, मुसाफिर सहनी का पुत्र रोहित सहनी उर्फ बबलू के खिलाफ वैशाली व मुजफ्फरपुर के विभिन्न थानों में आपराधिक व नक्सली वारदातों को अंजाम देने के 20 मामले दर्ज हैं.

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