जब राष्ट्रपति कोविंद ने बिहार के बेटो को कहा गणित का गुरू…

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आज भी वे शब्द मे कानो मे प्रेम पूर्वक सुनाई देते है।जब मेरी पहली मुलाकात महामहिम रामनाथ कोविद जी से हुई।जैसे ही मेरे कदम उनके दरवाजे के पास पहुँचा आदरणीय रामनाथ कोविद जी ने बोला आइए मैथेमेटिक्स गुरू आइए। कैसे है आप। मेरी तो पहली मुलाकात महामहिम महोदय से थी, परंतु हमें तो उनकी बातों से लगा की कितने वर्षों से वे हमें पहचानते है।

मैथेमैटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव ने श्री रामनाथ कोविंद को देश का 14वां राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दिया। श्रीवास्तव ने बताया की बिहार के लिए यह गर्व करने का दिन है ।श्री रामनाथ कोविद को बिहार के राज्यपाल से राष्ट्रपति तक का सफर तय करना बिहार के इतिहास के स्वर्णिम पन्नों मे अंकित हो गया। मैथेमेटिक्स गुरू ने कहा कि श्री कोविंद देश के गरीब और वंचित लोगों की आकांक्षाओं के प्रतीक हैं। हम उन्हें राष्ट्रपति पद की और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हैं।

आज भारत एक उदीयमान शक्ति है, एक ऐसा देश है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवान्वेषण और स्टार्ट-अप में विश्व अग्रणी के रूप में तेजी से उभर रहा है और जिसकी आर्थिक सफलता विश्व के लिए एक कौतूहल है।हमे पूर्ण विश्वास है की इस प्रगति को आदरणीय रामनाथ कोविद अपने कार्यकाल मे नई दिशा देगे।

बिहार के चर्चित मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव ने बताया की राजेन्द्र प्रसाद , अब्दुल कलाम , प्रणव मुखर्जी के बाद देश को एक और विलक्षण प्रतिभा के धनी रामनाथ कोविद के रूप मे प्रभावशाली राष्ट्रपति मिला है।देश उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है की इनके कार्यकाल मे हिन्दुस्तान नई ऊँचाइयों को छू लेगा।

फर्श से अर्श तक का सफर

परौंख गांव के रामनाथ को अब पूरा देश अदब से महामहिम रामनाथ कोविंद कहेगा। एक गरीब परिवार में जन्मे किसी शख्स के लिए इससे बड़ी सफलता क्या हो सकती है।

जिंदगी बदली और कोविंद फर्श से अर्श पर पहुंच गए लेकिन, वह खुद जरा भी नहीं बदले। इस बड़ी उपलब्धि के बाद भी कोविंद की सरलता देखकर दिल्ली से लौटे कार्यकर्ता अभिभूत हैं।रामनाथ कोविंद कानपुर देहात और कानपुर नगर में राजनीति और सेवा कार्यों में सक्रिय रहे। लोगों से गर्मजोशी से मिलना, किसी भी कार्यकर्ता की मदद को खड़े रहना उनके व्यक्तित्व की खासियत है।

 

 

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